Poetry in Hindi | हिन्दी में कविताएं

Poetry in Hindi “दूरियां इतनी बढ़ जाएंगी मालूम ना था Iवो बाबू से बेवफा बन जाएंगे मालूम ना था Iहम उनके लिए पागल हो जाएंगे मालूम ना था Iजो अपना चेहरा हमारी आँखों में देखते थे Iवो आईना बदल लेंगे मालूम ना था Iऐसे बरसेगी उसकी यादें सन्नाटे में मालूम ना था Iदूरियां इतनी बढ़ …

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