Poetry in Hindi | हिन्दी में कविताएं

Poetry in Hindi

“दूरियां इतनी बढ़ जाएंगी मालूम ना था I
वो बाबू से बेवफा बन जाएंगे मालूम ना था I
हम उनके लिए पागल हो जाएंगे मालूम ना था I
जो अपना चेहरा हमारी आँखों में देखते थे I
वो आईना बदल लेंगे मालूम ना था I
ऐसे बरसेगी उसकी यादें सन्नाटे में मालूम ना था I
दूरियां इतनी बढ़ जाएंगी मालूम ना था I”

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“तेरे जीवन में कभी अर्चन न बनूँगी,
तेरे सपनो के बिच न पडूँगी,
अगर कभी कोई परेशानी आयी हो तो कहना
तुझे छोड़ने से पीछे नहीं हटूँगी।”

“है इश्क़ में सच्चा तू ऐतवार तो कर,
आँखें बंदकर एक बार मेरा दीदार तो कर,
हुआ नहीं तुझे अब तक तो हो जायेगा,
तू बस थोड़ा सा इंतजार तो कर !!”

खुशी और गम के मायने एक हो गए,
तुम्हारे साथ तुम्हारे बाद दोनों के मायने एक हो गए,
महफिल और सड़क के मायने एक हो गए,
हम अपने आप से मिल गए ज़िंदगी के मायने एक हो गए।

हर दर्द को लिख दूं इतनी हिम्मत नहीं,
आपको अपने साथ लिख दूं इतनी हिम्मत नहीं,
आपको किसी और के साथ देख लू इतनी हिम्मत नहीं,
अपनी ज़िंदगी किसी और के नाम लिख दूं इतनी हिम्मत नहीं,
बदनाम तो हम भी हैं लेकिन बदनामी की वजह लिख दूं इतनी हिम्मत नहीं।

हिन्दी में कविताएं

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पहले वो एक तुम्हारी तस्वीर बटुए में रहती थी
अब मेरे स्मार्टफोन में तुम्हारे सिवा कोई नहीं है
पहले वो तुम्हारी यादें, मुलाकातें दिलों में छपती थी
अब मेरे फोन की मेमोरी कार्ड में बसती हैं !
पहले रहता था तेरे खत का इंतजार
अब तो बस चैटिंग से होने लगा है प्यार !

एक चांदनी रात हो
और वह मेरे साथ हो
सारी दुनिया भूल कर
अपनी सांसो को आत्मसात करें
आओ मिलकर प्यार करें
उनके साथ कुछ हसीन पलों को बुने
लेकर हाथों में उनका हाथ
अपने दिल के जज्बातों को बयां करें
कुछ इस तरह से उनके सामने
हम अपने प्यार का इजहार करें..!!

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यह बात मुझको ले आती है परेशानी में
जिसको चाहा वह नहीं है मेरी कहानी में !
ए कलमकार तेरी मुझसे दुश्मनी क्या है
मेरा किरदार ही क्यों मरता है कहानी में !

बहुत से ख्याल तेरे मेरे सिरहाने रख सोता हूं
अनजान होकर भी तुझसे, तेरे करीब होता हूं
पाता हूं खुद को अक्सर तेरे खयालों में
तेरी जुल्फों में तेरी आंखों के प्याले में!

यूं तो तारों की टीमटीमाहट से
आहट होती है तेरे मुस्कुराने की
पर रातों में नींद खुलते ही
मैं तेरे जैसा ईद का चांद हो जाता हूं!

Poetry in Hindi on Life

काश,जिंदगी सचमुच किताब होती
पढ़ सकता मैं कि आगे क्या होगा?
क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा?
कब थोड़ी खुशी मिलेगी, कब दिल रोयेगा?
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
फाड़ सकता मैं उन लम्हों को
जिन्होने मुझे रुलाया है..
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है…
खोया और कितना पाया है?
हिसाब तो लगा पाता कितना
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
वक्त से आँखें चुराकर पीछे चला जाता..
टूटे सपनों को फिर से अरमानों से सजाता
कुछ पल के लिये मैं भी मुस्कुराता,
काश, जिदंगी सचमुच किताब होती।

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कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।

ज़िन्दगी जीना सीखा रही थी

एक दिन सपना नींद से टूटा
खुशी का दरवाजा फिर से रूठा
मुड़ कर देखा तो वक्त खड़ा था
जिंदगी और मौत के बीच पड़ा था
दो पल ठहर के मेरे पास वह आया
पूछा मिली थी जो खुशी उसे क्यों ठुकराया
ऐसे में जब मैं हल्का सा मुस्कुराया
नजरें उठाई और तब सवाल ठुकराया
जवाब सुनकर वह भी रोने लगा
कहीं ना कहीं मेरे दर्द में खोने लगा
मेरे भाई हसा नहीं कभी खुद के लिए
जिया हो जिंदगी पर ना कभी अपने लिए
इस खुशी का एक ही इंसान मोहताज था
मेरी जान मेरी धड़कनों का वो ताज था..
आखिर खत्म हो गया एक किस्सा मेरी जिंदगानी का
पर नाज रहेगा हमेशा अपनी कहानी पर।

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 ख़ुद पे भरोसा रखना | Hindi Poems on Zindagi

ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना.

Hindi Poetry by famous poets : हरिवंशराय बच्चन कविता

मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है…
जिन्दगी जख्मो से भरी है,
वक्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से,
*फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो!!

Poetry in Hindi on Love

ख़्वाबों के टूट जाने का डर किसे,
उम्मीदों पे ज़िन्दगी जो गुजर रही है,
साथ तो भला उसका छूटे जो कभी पास हो,
यहां तो इंतजार में आंखे छलक रही है,
बेखबर हूं शायद मैं अपनी ही बेवफाई से,
बेवजह तो यू कोई सजा मिल नहीं रही है,
शिकायत जो तुम कर देते दगा की मेरी,
थोड़ी तो आसान होती ज़िन्दगी मेरी,
अब तेरी खामोशी की घुटन चुभ रही है,
काश! तुझको कह पाते कि,
बदल ना लेना अपनी राहों को खफा हो हमसे,
आंखे आज भी राहों में तुम्हे ही तक रही है।

हाथो की लकीरों में तू नहीं,
सब कहते है तकदीरों में तू नहीं,
अब ना तेरे नाम की लकीर चाइए,
ना तकदीर में तेरा हाथ चाइए,
दिल में तेरा प्यार हैं,
दूर रह के भी तू साथ है,
और ज़िन्दगी जीने के लिए क्या ही चाइए।

Love Poem in Hindi for Girlfriend

कुछ गहरा सा लिखना था,
इश्क से ज्यादा क्या लिखूँ ?
कुछ सदियों सा लिखना था,
तुम्हारी यादों से ज्यादा क्या लिखूँ ?
कुछ ठहरा सा लिखना था,
दर्द से ज्यादा क्या लिखूँ ?
कुछ अपना सा लिखना था,
तेरे सपनों से ज्यादा क्या लिखूँ ?
कुछ अहसास सा लिखना था,
तेरी मुस्कान से ज्यादा क्या लिखूँ ?
कुछ समन्दर सा लिखना था,
आँसू से ज्यादा क्या लिखूँ ?
कुछ खुबसूरती सा लिखना था,
आँखो से ज्यादा क्या लिखूँ ?
सुनो-
अब जिन्दगी लिखनी है,
तुमसे ज्यादा क्या लिखूँ !!

मेरी सांसों में इस कदर समाया ना कीजिये,
दिल-ए-नादान की बेताबी यूँ बढ़ाया ना कीजिये !
आपकी पायलों की आहट बेचैन कर देती है मुझे,
पहर-दो-पहर यूँ ज़ेहन में आया ना कीजिये !
लबों के नीचे काला तिल ही काफी है मेरी मदहोशी खातिर,
गिरा के ज़ुल्फ़ों के लट, ऐसे आशिक़ पर ज़ुल्म ढाया ना कीजिये !
निगाहें ये आपकी किसी कातिल से कम नहीं,
इन हसीं आँखों से मुझे रोज तड़पया ना कीजिये !
पता होते हुए भी कि तराशी खूबसूरती हो आप,
आकर आईने के सामने उसे शर्म दिलोया ना कीजिये !
ना बुझ पायी मेरी आँखों की प्यास आज तलक,
आकर ख्वाबों से आप इतनी जल्दी जाया ना कीजिये !
अरे कुछ तो गुरुर करें, ऐसी चांद सी रुख्सार का,
ऐवी हर बात मेरी मान जाया ना कीजिये !

Sad Love Poem in Hindi for Girlfriend

ज़िन्दगी को पूरी तरह से जीने की कला,
भला किसे अच्छे से आती हैं.
कही ना कहीं ज़िन्दगी में,
हर किसी के कोई कमी तो रह जाती हैं.
प्यार का गीत गुनगुनाता हैं हर कोई,
दिल की आवाज़ों का तराना सुनाता हैं हर कोई,
आसमान पर बने इन रिश्तो को निभाता है हर कोई,
फिर भी हर चेहरे पर वो ख़ुशी क्यों नहीं नजर आती हैं…
पूरा प्यार पाने में कुछ तो कमी रह जाती हैं….
हर किसी की ज़िन्दगी में कही ना कही कुछ तो कमी रह जाती हैं.
दिल से जब निकलती हैं कविता…
पूरी ही नजर आती हैं ….
पर कागजों पर बिछते ही
वो क्यों अधूरी सी नजर आती हैं
शब्दों के जाल में भावनाएं उलझ सी जाती हैं
प्यार, किस्सें, कविता…ये सिर्फ दिल को ही तो बहलाती है
अपनी बात समझाने में तो कुछ तो कमी रह जाती हैं
हर किसी की निगाहें मुझे क्यों.
किसी नयी चीज़ो को तलाशती नजर आती हैं
सब कुछ पा कर भी एक प्यास सी क्यों रह जाती हैं
ज़िन्दगी में कही ना कही कुछ तो कमी रह जाती हैं
सम्पूर्ण जीवन जीने की कला भला किसे आती है.

Heart Touching Love Poem in Hindi for Boyfriend

ना ही दिल बदला है मेरा,
ना ही मेरे ज़ज्बात बदले हैं!!
कुछ ऐसा शुरू हुआ ग़मों का दौर,
आज मेरे ये जो हालात बदलें हैं!!
एक रोज उनको सराहा था मेने,
चाहतों की हद से भी ज्यादा!
जिनको चाहा था मैंने,
मौसम के जैसे आज उनके खयालात बदले हैं,
ना ही दिल बदला है मेरा,
ना ही मेरे ज़ज्बात बदले हैं!!
निभाई है मेने रस्में कसमें वादे वफ़ा,
ना जाने फिर भी क्यों है वो मुझसे खफा!
किस-किस को दूँ में अपनी बेगुनाही,
हर रोज़ यहाँ उनके जो सवालात बदलें हैं!!
ना ही दिल बदला है मेरा,
ना ही मेरे ज़ज्बात बदले हैं!!

पहले इश्क को राख होने दीजिए,
फिर दिल को राख होने दीजिए!
तब जा कर पनपेगी मुहोब्बत,
जो भी हो बेहिसाब होने दीजिए!!
सजाएं मुक़र्रर करना इत्मिनान से,
मगर पहले कोई गुनाह होने दीजिए!
में भुला नहीं बस थोडा थक गया था,
लौट आऊंगा घर…शाम होने दीजिए!!
चाँद के दीदार की चाहत दिन में जगी है,
आएगा मजार वो, रात होने दीजिए!!
जो सरिताएँ सुख गई है इंतज़ार में,
वो भी भरेगी बस बरसात होने दीजिए!!
नासमझ, पागल, आवारा, लापरवाह है जो,
सम्हाल जाएँगे वो भी बस अहसास होने दीजिए!!

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