High Blood Pressure उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप के उपचार व लक्षण | Home Remedies For High Blood Pressure

दोस्तों आज हम High Blood Pressure (उच्च रक्तचाप) के बारे में कुछ जानेगे और उच्च रक्तचाप क्या है, कैसे होता है और इससे क्या क्या नुकसान है. और हम कुछ घरेलू नुख्सों के बारे में जाएँगे जो उच्च रक्तचाप के लिए कारगर साबित होते है और High Blood Pressure को जड़ से खत्म कर सकते है.

उच्च रक्तचाप क्या है? | What Is High Blood Pressure

सबसे पहले तो हम यह जानना होगा उच्च रक्तचाप क्या है. जब हमारा हृदय लगातार खून को पम्प करता है तथा हमारी ( Artery ) धमनी से होता हुआ खून बहता है ,उस समय रक्त का दबाव ( Blood Pressure ) हमारी Vessels के ऊपर पड़ता है ,तब उसे Blood Pressure कहा जाता है. हृदय एक सेकड में 70- 80 बार रक्त को पंप करता है। यदी आप दौड़ रहे है और सरसाइज कर रहे है उस समय आपकी रक्तचाप 80 -100 बार पंप करता है हर बार रक्त को एक दबाव मिलता है, इसी दबाव से रक्त हमारे शरीर मे घूमता है ,और इसी को रक्तचाप ( Blood Pressure ) कहा जाता है.

आइए अब हम बात करते High Blood Pressure उच्च रक्तचाप जब हमारा रक्तचाप 80 – 100 से बढ़कर 90 -130 हो जाता है, तब उसे उच्च रक्तचाप चाप कहा जाता है।

चिकित्सा जगत ( Madical Life ) में रक्तचाप को ( Hypertension ) कहते है. पहले रक्तचाप की बीमारी ज्यादातर शहरी क्षेत्र में पाई जाती थी, परंतु अब ग्रामीण क्षेत्र में भी 15 से 20% लोग रक्तचाप की बीमारी से ग्रसित है. पूरी दुनिया की बात करे तो एक अरब और भारत की बात करे तो हर तीसरा ब्यक्ति रक्तचाप की बीमारी से ग्रसित है.

रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) मापने के तरीके – Methods of Measuring Blood Pressure

ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान ज्यादातर लोग यह जानना चाहते हैं कि मिनटों में ब्लड प्रेशर कैसे नापा जाए। रक्तचाप को धमनियों की दीवारों पर रक्त परिसंचरण के दबाव के रूप में जाना जाता है। रक्तचाप ( BP ) के लिए आमतौर पर दो माप लिए जाते हैं, अर्थात् सिस्टोलिक और डायस्टोलिक। दिल की धड़कन को सिस्टोलिक में मापा जाता है। यह तब किया जाता है जब रक्तचाप अपने उच्चतम स्तर पर होता है। जबकि डायस्टोलिक को दिल की धड़कन के बीच मापा जाता है। जब किसी व्यक्ति का रक्तचाप कम होता है। रक्तचाप पहले सिस्टोलिक रक्तचाप के साथ लिखा जाता है, उसके बाद डायस्टोलिक रक्तचाप, जैसे 120/80।

1 NIBP [ Non-Invasive Blood Pressure

2 [ IBP ] Invasive Blood Pressure

गैर इनवेशिप रक्तचाप | Non-Invasive Blood Pressure [ NIBP ]

गैर इनवेशिप रक्तचाप का मतलब आपकी बॉडी में कोई कट नह लगता है, आपकी बॉडी में कुछ डाला नही जा सकता उसे गरै इनवेशिप रक्तचाप कहा जाता है ।

2 आक्रमक रक्तचाप | IBP- Invasive Blood pressure

इनवेशिव रक्तचाप है तो बॉडी में कट लगता है और कुछ बॉडी के अदर डाला जाएगा जिससे रक्तचाप की जांच होती है।

उच्चरक्तचाप के लक्षण | Symptoms of High Blood Pressure

1 यदि आपको सर के पीछे और गर्दन में दर्द है तो यह उच्च रक्तचाप के लक्षण है. ऐसा होने पर आपको जल्दी से जल्दी जांच करवानी चाहिए।

2 तनाव होना या छोटी -छोटी बात पर गुस्सा आना यह उच्च रक्तचाप का लक्षण होता है.

3 यदि आपको काम करने के बाद बहुत ज्यादा थकावट महसूस होती है, तो हो सकता है आपको उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है.

4 सर चकराना भी उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है.

5 नीद का न आना भी high pressure की निशानी होती है. परन्तु काफी बार देखा गया है की चिंता और अनिद्रा की बझा से भी नीद नहीं आती.

6. कई बार देखा गया है की आप थोड़ा सा भी चलते है और आप थोड़ा काम करते है तो आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है. ये भी हाई ब्लूडपप्रेसर की निशानी है.

7. बार बार नाक से खून आना भी हाई ब्लड प्रेसर का संकेत हो सकता है.

8. यदि आपको बार बार घबराहट होती है और बेचैनी होती है तो ये भी ब्लड प्रेसर हो सकता है.

यदि आपको अपनी बॉडी में इनमे से कोई एक भी लक्ष्ण दिखाई दे तो ये हाई ब्लूडप्रेसर का संकेत हो सकता है. इसके लिए आप जल्दी से जल्दी किसी स्पेसलिस्ट की सलाह ले.

उचरक्तचाप से बचने के घरेलू उपाय | Home Remedies for High Blood Pressure In Hindi

  1. सबसे पहले तो कुछ लोगों को यह भी पता नही होता की उन्हें उचरक्तचाप है। इस लिए इसलिए समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहना चाहिए।
  2. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए हमे अपने खानपान का भी ध्यान रखना चाहिए। खाने में नमक का कम से कम उपयोग करना चाहिए। और यदि किसी कारण से सब्जी में नमक काम है तो ऊपरी नमक का छिड़काब नहीं करना चाहिए। इससे रक्तचाप की समस्या बढ़ती है।
  3. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए अपने नाक में 4 बुँदे बादाम रोबन और 4 बुँदे घी की भी दाल सकते है।
  4. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए दालचीनी को पिशले और सुबह उठकर गुनगुने पानी के साथ ले. ऐसा कम से कम 2 महीने तक करे।
  5. उच्च रक्तचाप के आप 2 चमच मेथी को आधा गिलाश पानी में डाल कर थोड़ी देर उबाल ले. उसके बाद उन मेथी के दानो को पानी से निकाल कर पिश ले और दो से तीन महीने तक इसका सेवन करे. ये आपको काफी फायदा देगी।
  6. मेथी से निकले पानी को फेंके नहीं उसको रोज सुबह पी सकते है, जिसका सेवन आप 15 – 20 दिन तक करे. काफी हद तक आपको फायदा मिलेगा।
  7. खली पेट पपीता खाने से भी ब्लूडप्रेसर को कम किया जा सकता है।
  8. तुलसी की 2 – 3 पतिया रोज सुबह खाली पेट चबाने से BP की प्रॉब्लम से छुटकारा मिल सकता है।
  9. यदि ब्लूडप्रेसर बहुत बढ़ गया है तो पीसी हुई काली मर्च पाउडर 2 – 2 घंटे में पानी के साथ लेते रहे. आपका blood प्रेसर नार्मल हो जायेगा।
  10.  पालक और गागर का जूस रक्तचाप कम हो जाती है।

हाई ब्लूडप्रेसर की समस्या भारत में काफी तेजी से बढ़ रही है, तो इसके लिए आपको स्वाद और स्वस्थ्य में से किसी एक को चुनना होगा। क्यूंकि आप ऐसी स्टेज पर खड़े है यहां या तो स्वाद रह सकता है या आपका अच्छा स्वास्थ्य।

जितने भी ब्लूडप्रेसर को कम करने के घरेलू उपाय आपको बताये उनका उपयोग करे, अपने रोजाना चरण में लाये। आपको आपकी समस्या या बीमारी बहुत छोटी लगेगी। KR DIGITAL MAKERS की पूरी टीम आपकी अछि सेहत की कामना करते है.

धन्यबाद!

 

 

 

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