Chaitra Navratri 2022

Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि कब से है? Wishes, Greetings, Quotes & HD Images

जय माता दी दोस्तों! स्वागत है आपका krdigitalmakers.com पर, आज हम बात करेंगे Chaitra Navratri 2022 के बारे में. चैत्र नवरात्रि, हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक, पूरे देश में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि आज यानी 2 अप्रैल 2022, शनिवार से सुरु हो रहे है. आज नवरात्रि का पहला दिन है. इस दिन मां शैलपुत्री की विधि विधान के अनुसार पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। लोग इस त्योहार पर अपनों को बधाई भी भेज रहे हैं. हम आपको कुछ बेहतरीन व्हाट्सप्प मेसेजस, तस्वीरें और संदेश बता रहे हैं जिन्हें आप अपने दोस्तों रिस्तेदारो को भेज सकते हैं और अपने रिश्तेदारों और परिवार को नवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

चैत्र नवरात्रि 2022 पर सालों बाद बन रहा ये शुभ संयोग, जानिए नवरात्रि में क्यों करते हैं कलश स्थापना

चैत्र नवरात्रि 2022 का महत्व:

नवरात्रि का पहला दिन हिंदू कैलेंडर का पहला दिन होता है और यह चंद्रमा के शुक्ल पक्ष यानी पूर्णिमा चरण के दौरान आता है। देवी दुर्गा की स्तुति करने के लिए नौ दिनों के दौरान किए जाने वाले अनुष्ठान हर दिन अलग-अलग होते हैं।

अलग-अलग राज्य इस त्योहार को अलग-अलग नामों से पहचानते हैं, महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के नाम से जाना जाता है जबकि कश्मीर में इसे नवरेह के नाम से जाना जाता है। यह भारत में कई राज्यों में विभिन्न फसल त्योहारों के साथ मेल खाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्त घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ शुरू होते हैं।

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घटस्थापना/कलश स्थापना 2022 का शुभ मुहूर्त:

चैत्र नवरात्रि का शुभ मुहूर्त शनिवार 2 अप्रैल 2022 को प्रातः 06:22 बजे से 08:31 बजे तक रहेगा। कुल अवधि 02 घंटे 09 मिनट होगी। इसके अलावा घटस्थापना पर अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.08 बजे से दोपहर 12.57 बजे तक रहेगा.

देवी दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा की जाती है:

शैलपुत्री या प्रतिपदा, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री

कलश स्थापना के लिए आवश्यक वस्तुएँ:

‘सप्त धान्य’ (सात प्रकार के अनाज) बोने के लिए मिट्टी का बर्तन
सप्त धन्य
स्टील या पीतल का बर्तन (कलश)
पवित्र जल या गंगाजल
लाल धागा (कौटुका)
कलश के लिए सिक्के
5 पत्तों वाली आम की टहनी
चावल के दाने का कटोरा
एक नारियल
फूल, दूब घास, और बीटल नट

एक साल में आते हैं चार नवरात्र

पौष, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन मास में एक वर्ष में चार नवरात्र होते हैं। प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चारों नवरात्रों में माता की पूजा की जाती है। कभी-कभी तिथि के परिवर्तन के कारण त्योहार के दिन बढ़ या घट जाते हैं। ऐसे में चैत्र मास की नवरात्रि को महान और आश्विन मास की नवरात्रि को छोटी नवरात्रि कहा जाता है। ये दो प्रकट नवरात्र हैं। इसके अलावा आषाढ़ और पौष माह की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

2022 चैत्र नवरात्रि तारीख व समय, 2022 चैत्र नवरात्रि त्यौहार समय सूची व कैलेंडर

तारीख दिन नवरात्रे
April 2 प्राथमा मां शैलपुत्री
April 3 द्वितीया माँ ब्रह्मचारिणीची
April 4 तृतीया माँ चंद्रघंटा
April 5 चतुर्थी माँ कुष्मांडा
April 6 पाँचवी माँ स्कंद माता
April 7 षष्ठी माँ कात्यायनी
April 8 सातवीं माँ कालरात्रीची
April 9 अष्टमी माँ महागौरी
April 10 नवमीं माँ सिद्धिदात्री
April 11 दशमी

चैत्र नवरात्रि की शायरी

हे माँ तुमसे विश्वास ना उठने देना,
तेरी दुनिया में भय से जब सिमट जाऊं,
चारो ओर अँधेरा ही अँधेरा घना पाऊं,
बन के रोशनी तुम राह दिखा देना..!
लाल रंग की चुनरी से सजा माँ का दरबार,
हर्षित हुआ मन, पुलकित हुआ संसार,
नन्हें-नन्हें क़दमों से माँ आए आपके द्वार…..
इस नवरात्रि यही हैं हमारी दुआ…
“जय माता दी”


Happy Navratri SMS in 2 Lines

1..2..3..4.. माता जी की जे जेकर, इस नवरात्रि आपकी हर मनोकामना माता रानी पूरी करे….जय माता दी…!!


नवरात्रि स्वागत शायरी नवरात्रि की बधाई शायरी इन हिंदी 2022

Happy Navratri Shayari in Hindi
हे माँ तुमसे विश्वास ना उठने देना
तेरी दुनिया में भय से जब सिमट जाऊं
चारो ओर अँधेरा ही अँधेरा घना पाऊं
बन के रोशनी तुम राह दिखा देना
Happy Navratri 2022


लाल रंग की चुनरी से सजा माँ का दरबार
हर्षित हुआ मन, पुलकित हुआ संसार
नन्हें-नन्हें क़दमों से माँ आए आपके द्वार
इस नवरात्रि यही हैं माँ से पुकार !!
“जय माता दी”
हैप्पी नवरात्री


Happy Navratri Shayari टॉप 10 हैप्पी नवरात्रि शायरी

सारा जहान है जिसकी शरण में
नमन है उस माँ के चरण में
हम हैं उस माँ के चरणों की धूल
आओ मिलकर माँ को चढ़ाएं श्रद्धा के फूल
जय माता दी


Chaitra Happy Navratri Shayari

हो जाओ तैयार माँ अम्बे आने वाली है
सजा लो दरबार माँ अम्बे आने वाली हैं
तन,मन और जीवन हो जायेगा पावन
माँ के कदमो की आहट से गूँज उठेगा आँगन


नवरात्रि शायरी इन हिंदी

बहुत दूर अभी जाना है
चिंतन का दामन थामा है
क्यों डरु इस बेहरुपी ज़माने से
जब मेरी माँ ने मुझे अपना माना है
जय माता दी


माँ से बस यही अरदास है की माँ आपकी झोलिया खुशियों से भर दे. आपकी हर वो कामना पूरी हो जो आप जिंदगी में हाशिल करना चाहते है. KRDigitalMakers की पूरी टीम की तरफ से आपको और आपके परिवार Chaitra Navratri 2022 की बहुत शुभकामनाये और बधाईया। जय माता दी!


Chaitra Navratri 2022 से जुड़े कुछ जरूरी प्रश्न

प्र0 – 1 चैत्र कब से शुरू है 2022?

उ0 – नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाते है. जो कि इस साल 2 अप्रैल 2022 से शुरू हो रहे हैं, जिसका समापन 10 अप्रैल 2022 को होगा. इस बार नवरात्र की विशेष बात ये है कि इस साल किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है.

प्र0 – 2 अप्रैल 2022 में नवरात्रि कब से शुरू है?

उ0 –नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाते है. जो कि इस साल 2 अप्रैल 2022 से शुरू हो रहे हैं, जिसका समापन 10 अप्रैल 2022 को होगा. इस बार नवरात्र की विशेष बात ये है कि इस साल किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है. इसलिए इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी.

प्र0 – 3 नवरात्रि कब है फोटो?

उ0 – हिंदू पंचांग के अनुसार साल भर में कुल मिलाकर 4 नवरात्रि आती हैं जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि का त्योहार 02 अप्रैल 2022 से शुरु होकर 11 अप्रैल तक रहेगी। आइए जानते हैं इस चैत्र नवरात्रि की खास बातें… घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त:दोपहर 12:08 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा।

प्र0 – 4 चैत्र नवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

उ0 – कहा जाता है कि जब धरती पर म​हिषासुर का आतंक काफी बढ़ गया और देवता भी उसे हरा पाने में असमर्थ हो गए, क्योंकि महिषासुर का वरदान प्राप्त था कि कोई भी देवता या दानव उसपर विजय प्राप्त नहीं कर सकता. ऐसे में देवताओं ने माता पार्वती को प्रसन्न कर उनसे रक्षा का अनुरोध किया.

प्र0 – 5 नवरात्रि कितने हैं?

उ0 – Chaitra Navratri 2022 Kab se hain: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है. इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल 2022 से शुरू होगी और 11 अप्रैल 2022 को समापन होगा. नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है.

प्र0 – 6 माँ दुर्गा कौन थी?

उ0 – दुर्गा मां शक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी हैं जिन्हें देवी, शक्ति और पार्वती,जग्दम्बा और आदि नामों से भी जाना जाता हैं । शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं जिनकी तुलना परम ब्रह्म से की जाती है। दुर्गा को आदि शक्ति, प्रधान प्रकृति, गुणवती योगमाया, बुद्धितत्व की जननी तथा विकार रहित बताया गया है।

प्र0 – 7 दुर्गा का असली नाम क्या है?

उ0 – हालांकि उनका असली नाम दाक्षायनी था। यज्ञ कुंड में कुदकर आत्मदाह करने के कारण भी उन्हें सती कहा जाता है। बाद में उन्हें पार्वती के रूप में जन्म लिया। पार्वती नाम इसलिए पड़ा की वह पर्वतराज अर्थात् पर्वतों के राजा की पुत्र थी।

प्र0 – 8 दुर्गा का जन्म कैसे हुआ?

उ0 – पुराणों में उल्लेखित है कि मानव ही नहीं देवता भी असुरों के अत्याचार से परेशान हो गए थे। तब देवता ब्रह्माजी के पास गए और उनसे सामाधान मांगा। तब ब्रह्मा जी बताया कि दैत्यराज का वध एक कुंवारी कन्या के हाथ ही हो सकता है। इसके बाद सभी देवताओं ने मिलकर अपने तेज को एक जगह समाहित किया और इस शक्ति से देवी का जन्म हुआ।

प्र0 – 9 आदि शक्ति मां कौन है?

उ0 – मां दुर्गा इस सृष्टि की आद्य शक्ति हैं यानी आदि शक्ति हैं। पितामह ब्रह्माजी, भगवान विष्णु और भगवान शंकरजी उन्हीं की शक्ति से सृष्टि की उत्पत्ति, पालन-पोषण और संहार करते हैं। अन्य देवता भी उन्हीं की शक्ति से शक्तिमान होकर सारे कार्य करते हैं।

प्र0 – 10 आदि पराशक्ति का जन्म कैसे हुआ?

उ0 – शिव पुराण में कहा गया है कि आदि पराशक्ति ने ब्रह्मांड की शुरुआत के दौरान भगवान शिव के बाएं आधे यानी परब्रह्मण परमशिव से परम प्रकृति के रूप में अवतार लिया था ।

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