Bewafa Shayari in Hindi

एक शख्स पास रह के समझा नहीं मुझे,
इस बात का मलाल है शिकवा नहीं मुझे,
मैं उस को बेवफ़ाई का इलज़ाम कैसे दूँ,
उसने तो दिल से ही चाहा नहीं मुझे।

वो पूछती थी अक्सर मैंने समझा नहीं,
हम किसी और के हो जाएं तो क्या करोगे?

इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की,
आज पहली बार उससे मैंने बेवफ़ाई की।

अब के अब तस्लीम कर लें तू नहीं तो मैं सही,
कौन मानेगा कि हम में से बेवफा कोई नहीं।

मेरे फन को तराशा है सभी के नेक इरादों ने,
किसी की बेवफाई ने किसी के झूठे वादों ने।

Dhoka Shayari

यह ठीक है, आपको अपना वफा नहीं मिला,
मैं प्रार्थना.करूंगा कि.आपको कोई बेवफा न मिले।

दिल मारने वाले आंखों से रोते नहीं हैं,
जो अपने नहीं बने हैं वो किसी के नहीं बने हैं,
वक्त हमेशा हमें सिखाता है कि सपने टूटे हैं
लेकिन पूरे नहीं होते।

मुझे अपनी भावनाओं की सराहना भी पसंद है,
मैं किसी को हर दिन आने
और शिकार करने का जोखिम कैसे उठा सकता हूं!

कुछ टूटने की खबर आंसू है,
हमारे जीवन का अखबार आँसू है।
घटनाएं सभी हल्की हैं,
फिर भी भारी आँसू निकल रहे हैं।

मैं अपनी डायरी के पेज पर जो लिखा है
उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में भी नहीं हूं…

बेवफा शायरी

जब आपको बिना गलती के सजा मिले,
तो उसे Bewafai कहा जाता है।

मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है,
बेवफाई में वो रोते हैं और वफ़ा में हम रोए हैं।

दुनिया वालों का भी अजीब दस्तूर है बेवफाई मेहबूब से मिलती है ,
और बेवफा मोहब्बत बन जाती है।

मुझे बेवफाई नहीं चाइये थी,
मुझे धोका नहीं चाइये था,
मुझे तो बस थोड़ा सा प्यार चाइये था!!

अभी पास है तो ठोकर मारकर Bewafa बना देते हो,
जब दूर हो जाएंगे, तो प्यार जाताओगे!

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